टीम में नहीं मिला मौका तो पहुंचा जिम्बाब्वे, अब लगातार दो शतक जड़कर तीसरे मैच में तोड़ेंगे विराट का बड़ा रिकॉर्ड

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जिम्बाब्वे की टीम इन दिनों अपने घर पर बांग्लादेश के खिलाफ 3 वनडे मैचों की श्रृंखला खेल रही है। इस सीरीज में अब तक दो मैच खेले जा चुके हैं और तीसरा मुकाबला बुधवार को हरारे के मैदान पर खेला जाएगा, जिसमे दोनों टीमों के खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन करना चाहेंगे। इस वजह से वह मुकाबला बहुत मजेदार होने वाला है।

इस श्रृंखला में अब तक दो वनडे मैच खेले जा चुके है और उस दौरान जिम्बाब्वे की टीम को दोनों मैचों में जीत हासिल हुआ है। इस वजह से अब उनकी टीम तीसरा ओडीआई जीतकर बांग्लादेश को 3-0 से क्लीन स्वीप करना चाहेगी। लेकिन आज हम जिम्बाब्वे टीम के लिए खेलने वाले एक ऐसे ऑलराउंडर के बारे में बात करने जा रहे हैं जो बांग्लादेश के खिलाफ अंतिम ओडीआई मैच में एक ऐसा रिकॉर्ड बनाने वाला है जो आज-तक जिम्बाब्वे का कोई भी खिलाड़ी नहीं बना पाया।

जिम्बाब्वे का खिलाड़ी तोड़ेगा विराट का रिकॉर्ड

इस वनडे सीरीज में जिम्बाब्वे की टीम को शुरुआती दोनों मुकाबलों के दौरान जीत नसीब हुआ है और उस जीत में उनकी टीम के ऑलराउंडर सिकंदर रजा ने अहम भूमिका निभाई है। शायद आपको मालूम होगा कि सिकंदर रजा ने बांग्लादेश के खिलाफ इस ओडीआई सीरीज के दोनों मैचों में बेहतरीन शतक लगाया है, लेकिन अब तीसरे मुकाबले में वो बेहतरीन रिकॉर्ड बनाने वाले हैं।

अगर सिकंदर रजा जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे और अंतिम वनडे मैच में शतक जड़ने में कामयाब होते हैं तब वो वनडे क्रिकेट में लगातार तीन शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो जाएंगे। इसी के साथ वो टीम इंडिया के पूर्व कप्तान विराट कोहली का भी रिकॉर्ड तोड़ देंगे, क्योंकि विराट भी ओडीआई क्रिकेट में लगातार तीन शतक जड़ चुके हैं।

टीम में नहीं मिला मौका तो पहुंचा जिम्बाब्वे

सिकंदर रजा का जन्म 24 अप्रैल 1986 को पंजाब के सियालकोट में हुआ था, जो पंजाब क्षेत्र के अंतर्गत आता है। सिकंदर पाकिस्तान के लिए अंडर-19 क्रिकेट भी खेल चुके हैं, लेकिन जब उन्हें आगे मौका नहीं दिया गया। उसके बाद उन्होंने पाकिस्तान छोड़ने का फैसला किया और जिम्बाब्वे पहुंचकर उसी टीम के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया। इसी वजह से वर्तमान में सिकंदर रजा जिम्बाब्वे टीम के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडर है, क्योंकि वो बल्ले के अलावा गेंद से भी अपना योगदान देने में सफल रहते हैं।

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