114 गेंद तक जमे होने के बावजूद हार्दिक पंड्या क्यों नहीं जिता पाए मैच? इतना बड़ा ब्लंडर

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हार्दिक पंड्या मैदान पर हों तो आप जीत के बारे में सोचते हैं. यही उम्मीद करते हैं कि पंड्या जैसा पावरहिटर है तो जीत मुमकिन है. खास कर तब तो बिल्कुल जब स्कोर ज्यादा बड़ा ना हो. दिल्ली के खिलाफ मैच में भी हार्दिक पंड्या से ऐसी ही उम्मीद बंधी थी. जो टूटकर बिखर गई. ऐसा तब हुआ जब हार्दिक ने इस मैच में पूरे 19 ओवर बैटिंग की. मतलब 120 गेंदों के खेल में 114 गेंदों तक वो क्रीज पर खड़े रहे. नाबाद भी रहे. पर जीत नहीं दिला सके.

दिल्ली कैपिटल्स ने गुजरात टाइटंस के सामने जीत के लिए बस 131 रन का लक्ष्य रखा था. IPL 2023 में अब तक जिस तरह का परफॉर्मेन्स गुजरात टाइटंस का रहा था, उसे देखते हुए सफल चेज की उम्मीद थी. हार्दिक ने वो लौ जलाई भी, लेकिन उससे वो उजियारा नहीं फैला सके.

114 गेंदों तक क्रीज पर रहे, पर जीत नहीं दिला सके पंड्या

131 रन के चेज में हार्दिक पंड्या के कदम नरेंद्र मोदी स्टेडियम की क्रीज पर पहले ओवर की आखिरी गेेंद पर साहा के आउट होने के बाद पड़े थे. वो दूसरे ओवर की पहली गेंद से लेकर 20वें ओवर की अंतिम गेंद तक जमे रहे. इस दौरान53 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 59 रन भी बनाए. पर जीत के लिए जरूरी बच गए 5 रन नहीं बने. वही दोनों टीमों के बीच जीत और हार का अंतर बन गया.

पंड्या ने खुद को बताया हार का ‘दोषी’

पॉइंट्स टैली में सबसे नीचे की टीम से टॉप पर बैठी गुजरात टाइटंस हार गई. इस नतीजे के बाद जब बतौर कप्तान हार्दिक पंड्या से वजह पूछी गई तो उन्होंने सारा ठीकरा खुद पर फोड़ लिया. उन्होंने गुजरात की हार का दोषी खुद को करार दिया. उन्होंने कहा कि मुझे मैच फिनिश करना चाहिए था, जो मैंने नहीं किया.

पंड्या ने आगे कहा कि ऐसा तब हुआ जब विकेट बल्लेबाजी के माकूल थी. मुझे लगता है कि हमने दूसरे छोर से चटकते विकेटों का दबाव कुछ ज्यादा ले लिया. मैंन गुजरात की हार में विकेट के रोल को अहम नहीं मानता.

आखिरी ओवर में चाहिए थे बस 12 रन, फिर क्या हुआ?

गुजरात को दिल्ली के खिलाफ आखिरी ओवर में जीत के लिए 12 रन बनाने रह गए थे. हार्दिक के होते 6 गेंदों पर इतने रन की उम्मीद हर कोई कर सकता है. लेकिन, इशांत शर्मा के अनुभव के आगे हार्दिक पंड्या का पावर जवाब दे गया. इस ओवर में तेवतिया के तौर पर गिरे एक विकेट के साथ सिर्फ 6 रन ही बने, जिसमें 3 रन ही हार्दिक ने बनाए.

वैसे जो आखिरी ओवर में पंड्या नहीं कर पाए सिर्फ वही सच नहीं रहा. सच ये भी रहा कि अपनी इनिंग की अंतिम 14 गेंदों पर वो एक भी बाउंड्री नहीं लगा पाए, जिससे हार गया गुजरात.

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