वीडियो: कभी झाड़ू-पौछे की नौकरी करने पर थे मजबूर ,पिता सिलेंडर डिलीवरी का करते थे काम, आज आईपीएल के किंग है रिंकू सिंह ,जानिए शेर रिंकू सिंह की कहानी

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कोलकता नाइट राइडर्स के बल्लेबाज युवा बल्लेबाज रिंकू सिंह (Rinku Singh) तूफानी ने आपीएल के 13वें मुकाबले में अपनी तूफानी बैटिंग से हर एक क्रिकेट प्रेमी का दिल जीत लिया है. जी हां मैच में रिंकू के द्वारा खेली गई इस पारी की जितनी तारीफ की जाए उतना कम है. रिंकू ने 250+के स्टाइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए  24 गेंदों में 63 रन बनाए. इस दौरान उन्होंने यश दयाल के 20वें ओवर में लगातार 5 छक्के भी लगाए.

इस पारी के बाद उन्हें एक खास पहचान मिल गई है. इससे पहले शायद ही फैंस इस खिलाड़ी के बारे में जानते हो? इसलिए हम आपके लिए रिंकू के क्रिकेटिंग सफर के बारे में बताने जा रहे है. एक समय ऐसा भी था जब उन्हेंन पैसों की तंगी के चक्कर में झाडू-पोछे का काम भी करना पड़ा. चलिए जानते हैं इस खिलाड़ी के संषर्घ के दिनों की कहानी…

आखिरी ओवर में 5 छक्के लगाकर Rinku Singh रचा इतिहास

जब- जब आईपीएल 2023 के 13 मुकाबले के केकेआर की रोमांचक जीत का जिक्र किया जाएगा तो इस मैच में मिली जीत के हीरों रिंकू सिंह (Rinku Singh) को कभी नहीं भुलाया जा सकता है. क्योंकि उन्होंने क्रिकेट में वो कर दिखाया है. जिसे  पूरा करने  में क्रिकेट को काफी  समय लग जाता है. लेकिन इस युवा खिलाड़ी आज यह फिर से सबित क्रिकेट में कभी कुछ भी हासिल कर किया जा सकता है

उन्होंने इस मुकाबले में नाबाद रहते हुए 24 गेंदों में 63 रन बनाए. जिसमें 4 चौके और 5 छक्के देखने को मिले. रिंकू सिंह (Rinku Singh) की यह पारी सालों साल याद रखी जाएगी. रिंकू ने अंतिम में ऐसा प्रहार किया जिसकी गूंज काफ़ी सालों तक याद रहेगी.

क्रिकेटर बनने के लिए कभी झाडू-पोछा लगाने पर मजबूर थे रिंकू

एक क्रिकेटर बनने के लिए कितना संघर्ष किया जाता है. यह रिंकू सिंह (Rinku Singh) की प्रेरणादायक कहानी से सीखा जा सकता है. जी हां अगर जो युवा खिलाड़ी क्रिकेटर बनने का सपना देख रहे है तो वह इस आर्टिकल के जरिए समझ सकते हैं कि एक खिलाड़ी की लाइफ में कैसे- कैसे दौर से गुजरना पड़ता है.

अलीगढ़ से आने वाले रिंकू सिंह की कहानी युवा खिलाड़ियों को काफी इंस्पायर कर सकती है. जो खिलाड़ी खेल की दुनिया में अपना करियर बनाने की सोच रहे हैं. रिंकू सिंह (Rinku Singh) के बारे में आपको बताते हैं. वह परिवार में कुल 5 बहन-भाई है. वहीं एक भाई ऑटो रिक्शा चलाता है तो दूसरा कोचिंग सेंटर में काम करता है.

रिंकू की पढ़ाई में ज्यादा रूचि नहीं थी. जिसकी वजह से वह 9वीं कक्षा में फेल हो गए. उनका ध्यान बचपन से ही क्रिकेट की ओर था. जिसके लिए उन्हें परिवार के सदस्यों से कई बार पिटाई भी खानी पड़ी. पर, उन्होंने हार नहीं मानी और वह क्रिकेटर बनने का सपना लेकर मैदान पर निकल पड़े.

पिता लाख पिटाई नहीं छोड़ा क्रिकेट खेलना

अगर खिलाड़ी ने एक सफल क्रिकेटर बन्ने का सपना देख लिया है तो उसे कोई भी रोक सकता है. इस युवा खिलाड़ी ने एक इंटरव्यू में बड़ा खुलासा करते हुए कहा था कि साल 2012 में उन्हें क्रिकेट खेलेने पर पिता से मार खानी पड़ी थी. लेकिन, उसी साल उन्होंने क्रिकेट खेलते हुए मोटरसाइकिल जीती थी. उसके बाद उनके पिता ने क्रिकेट खेलने से खभी नहीं रोका. शायद उन्हें भी इस बात अहसास हो गया होगा कि मेर बेटा एक दिन बड़े लेबल का खिलाड़ी बन सकता है.

रिंकू सिंह (Rinku Singh) ने यह भी बताया कि वह क्रिकेटर बनने से पहले एक बार उन्होंने अपने भाई को नौकरी के लिए कहा तो उन्होंने साफ-सफाई और पोछा मारने का काम दिलाया था, जहां से रिंकू से लौट जाए. उन्होंने इसके बाद क्रिकेट में अपना करियर बनाने का मन बना लिया.

उनकी इस कड़ी मेहनत के बाद रिंकू सिंह की IPL 2017 में एंट्री होती. जिन्हें आईपीएल नीलामी में सबसे पहले पंजाब किंग्स ने 10 लाख रुपए में खरीदा था. इसके बाद 2018 में केकेआर ने इस खिलाड़ी पर 80 लाख रुपए खर्च अपने टीम में शामिल कर लिया. तब से रिंकू इस टीम के लिए इसी तरह की मैच जिताऊ पारी खेल रहे हैं.

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