7 मैच में 6 शतक ठोके, अपना परिवार छोड़ कोच के घर रहा, अब टीम इंडिया में मौका

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जिम्बाब्वे वनडे सीरीज से ठीक पहले टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा था. ऑफ स्पिनर वॉशिंगटन सुंदर चोट के चलते सीरीज से बाहर हो गए. हालांकि उनकी चोट की वजह से एक और टैलेंटेड खिलाड़ी को मौका मिला है. बात हो रही है शाहबाज अहमद की जो वॉशिंगटन सुंदर के रिप्लेसमेंट के तौर पर जिम्बाब्वे जाएंगे. जिम्बाब्वे के खिलाफ भारत को तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलनी है जिसका आगाज 18 अगस्त से हरारे में होगा. बता दें शाहबाज अहमद टी20 के स्पेशलिस्ट माने जाते हैं लेकिन ये खिलाड़ी वनडे फॉर्मेट का भी बेहतरीन खिलाड़ी है. बाएं हाथ से गेंदबाजी और बल्लेबाजी के अलावा शाहबाज जबर्दस्त फील्डर भी हैं और इस वजह से वो अपने दम पर मैच पलट सकते हैं.

मेवात से बंगाल गए शाहबाज

शाहबाज किस तरह हरियाणा के मेवात जिले से प.बंगाल पहुंचे, ये कहानी भी दिलचस्प है. दरअसल शाहबाज के पिता उन्हें इंजीनियर बनाना चाहते थे. पिता ने एक प्राइवेट कॉलेज में एडमिशन भी दिलवा दिया. तीन साल तक शाहबाज ने पढ़ाई की लेकिन उनका मन क्रिकेट में लगता था. पिता ने एक दिन पूछ लिया कि क्रिकेट खेलना है ये पढ़ाई. इसपर शाहबाज ने क्रिकेट को चुना. गुड़गांव की क्रिकेट एकेडमी में ट्रेनिंग करने वाला ये खिलाड़ी अपने दोस्त प्रमोद चंदीला के कहने पर गुड़गांव चले गए. शाहबाज अहमद तपन मेमोरियल क्लब से जुड़े और अपने पहले 7 मैचों में उन्होंने 6 शतक ठोक दिए. साथ ही उनके नाम कई विकेट्स भी आए. इस तरह शाहबाज का नाम बंगाल में छा गया और उनका फर्स्ट क्लास डेब्यू भी हो गया.

बता दें शाहबाज का करियर बढ़ाने में उनके कोच पार्थो प्रतिम चौधरी का बड़ा हाथ रहा है. पार्थो ने मुश्किल समय में शाहबाज की मदद की. शाहबाज उनके ही घर पर रहे. पार्थो ने शाहबाज को अपना तीसरा बेटा माना. कोच की मेहनत रंग लाई और शाहबाज को 2020 में आईपीएल कॉन्ट्रैक्ट मिला. रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने शाहबाद को 20 लाख की कीमत में खरीदा. हालांकि इस खिलाड़ी को महज 2 ही मैच खेलने को मिले. हालांकि 2021 और फिर 2022 में शाहबाज को बैंगलोर ने ज्यादा मौके दिए और इस खिलाड़ी ने खुद को साबित भी किया.

शाहबाज हैं गजब के क्रिकेटर

शाहबाज अहमद ने बंगाल के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 18 मैचों में 41 से ज्यादा की औसत से 1041 रन बनाए हैं. इसके अलावा उन्होंने 57 विकेट भी झटके हैं. फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनका बल्लेबाजी औसत तो 47 से भी ज्यादा का है. साफ है इस खिलाड़ी में टैलेंट है. अगर जिम्बाब्वे में शाहबाज को डेब्यू कराया जाए तो हैरानी नहीं होनी चाहिए.

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