गेंदबाज लुटा रहे रन, फील्डर छोड़ रहे 4-4 चार कैच, कब तक किस्मत के भरोसे रहेंगे एमएस धोनी?

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महेंद्र सिंह धोनी. वो नाम जिसे जादुई कप्तान कहा जाता है. जिसके बारे में कहा जाता है कि उसके पास मिदास टच है. धोनी की कप्तानी में जो टीम खेली है उसके हिस्से सफलता आनी तय रही है, फिर चाहे टीम इंडिया हो या चेन्नई सुपर किंग्स. धोनी को किस्मत का धनी कहा जाता है और आईपीएल-2023 में चेन्नई के अभी तक के प्रदर्शन को देख लग भी यही है कि किस्मत ही धोनी और चेन्नई पर मेहरबान है उनका खेल नहीं.

क्रिकेट में टीम जीतती है अपने खिलाड़ियों के खेल से.लेकिन चेन्नई की टीम को देख ऐसा लग रहा है कि वह किसी तरह किस्मत की मेहरबानी से जीत रही है. वरना उसके खिलाड़ी तो टीम को हराने में कोई कसर नहीं छोड़े रहे हैं.फिर चाहे वो खराब फील्डिंग हो या रन लुटाने वाली गेंदबाजी.

जमकर लुटाए रन

टी20 में अगर कोई टीम 200-210 का आंकड़ा पार कर ले तो अधिकतर मौकों पर उसकी जीत का अंतर काफी बड़ा होता है.चेन्नई ने इस सीजन अभी तक पांच मैच खेले हैं जिसमें दो मैचों में इस टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 200 का आंकड़ा पार किया.चेन्नई ने अपने घर में लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट खोकर 217 रन बनाए. इसके बाद चेन्नई ने सोमवार को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ छह विकेट खोकर 226 रन बनाए.

अब जरा इन दोनों मैचों में चेन्नई की जीत का अंतर देखिए. लखनऊ के खिलाफ चेन्नई को विशाल स्कोर बनाने के बाद महज 12 रनों से जीत मिली.वहीं बैंगलोर के खिलाफ चेन्नई किसी तरह आठ रनों से जीत हासिल करने में सफल रही. इतना विशाल स्कोर बनाने के बाद भी इतने मामूली अंतर से जीत बताती है कि किस्मत ही चेन्नई के साथ थी नहीं तो मैच दूसरी टीम के हिस्से जा सकता था.एक-दो बड़े शॉट लगते और चेन्नई हार जाती,लेकिन किस्मत से ऐसा हुआ नहीं.

फील्डिंग-गेंदबाजी ने डुबोई नैया

बैंगलोर के खिलाफ अगर चेन्नई की गेंदबाजी और फील्डिंग देखी जाए तो इस बात पर यकीन और गहरा हो जाता है कि बस किस्मत ने किसी तरह चेन्नई को जिता दिया. बैंगलोर के खिलाफ चेन्नई के फील्डरों ने चार कैच और दो रन आउट मिस किए. वहीं गेंदबाजी में टीम ने 11 एक्स्ट्रा रन दिए. यानी फील्डरों और गेंदबाजों ने टीम को हराने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी,फिर भी चेन्नई जीत गई. शायद किस्मत.

लखनऊ के खिलाफ चेन्नई के गेंदबाजों ने हद कर दी थी और कुल 18 रन एक्सट्रा दिए थे.धोनी ने इस मैच के बाद कहा भी था कि अगर गेंदबाज इसी तरह नो बॉल और वाइड फेंकते रहेंगे तो फिर उन्हें दूसरा कप्तान ढूंढ़ लेना चाहिए.अब ऐसे प्रदर्शन के बाद भी अगर कोई टीम जीते तो फिर उसे किस्मत की मेहरबानी कहना ही ठीक होगा.

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