47 गेंदों में कूटे 198 रन, बनाया विश्व रिकॉर्ड, ब्रैडमैन जैसे कमाल से मचाया धमाल

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क्रिकेट की हर पीढ़ी में कुछ ऐसे खिलाड़ी आए हैं, जो किसी न किसी तरीके से इस खेल को खेलने के तरीके में क्रांति लेकर आए. फिर चाहे वह उस दौर में महानतम खिलाड़ी कोई भी रहा हो, इन खिलाड़ियों की भी अपनी पहचान रही. सचिन तेंदुलकर के दौर में उनसे बड़ा कोई खिलाड़ी नहीं रहा, लेकिन वीरेंद्र सहवाग ने फिर भी अपनी पहचान बनाई और टेस्ट क्रिकेट में ओपनिंग का तरीका बदल दिया.

इन्हीं वीरेंद्र सहवाग का आज यानी 20 अक्टूबर को जन्मदिन है. भारत के महान क्रिकेटरों में से एक वीरेंद्र सहवाग ने बैटिंग ऑर्डर के सबसे ऊपरी हिस्से में रहकर बल्ले से गेंदबाजों की जो धुलाई की, उसने खास तौर से टेस्ट क्रिकेट में एक नई ऊर्जा भर दी.

सहवाग ने तीनों फॉर्मेट में अपना जलवा बिखेरा और कई बेहतरीन पारियां खेलकर भारत के लिए मैच जीते, लेकिन टेस्ट क्रिकेट की ओपनिंग में रोमांच लेकर आना, उनका सबसे बड़ा योगदान माना जा सकता है. नई गेंद क्रिकेट में सबसे खतरनाक मानी जाती है और- गेंद को पुराना करने के दो तरीके हैं, उसे छोड़ते रहो या उसे मारते रहो. सहवाग ने दूसरे तरीके को आजमाया और इसे फलसफा बना लिया.

सहवाग के रिकॉर्ड्स की जब भी बात होगी, तो सबसे पहला नाम ‘मुल्तान का सुल्तान’ लिया जाएगा. 2004 में पाकिस्तान दौरे पर सहवाग ने मुल्तान में 309 रनों की यादगार पारी खेली थी और बन गए थे भारत के लिए तिहरा शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज.

सहवाग ने मुल्तान का तिहरा शतक सिर्फ 364 गेंदों में आया था लेकिन 4 साल बाद उन्होंने सबसे तेज ट्रिपल सेंचुरी का विश्व रिकॉर्ड बना दिया. सहवाग ने सिर्फ 278 गेंदों में साउथ अफ्रीका के खिलाफ तिहरा शतक ठोका. वह 319 रन बनाकर आउट हुए, जिसमें 198 रन सिर्फ 47 गेंदों में 42 चौके और 5 छक्कों की मदद से आए.

इस पारी के साथ ही सहवाग टेस्ट क्रिकेट में दो तिहरे शतक लगाने वाले विश्व के सिर्फ तीसरे बल्लेबाज बन गए. उनसे पहले सिर्फ डॉन ब्रैडमैन और ब्रायन लारा ये कमाल कर सके थे. बाद में क्रिस गेल ने भी अपना नाम इस खास लिस्ट में लिखवाया.

सिर्फ टेस्ट ही नहीं, बल्कि ODI में भी सहवाग ने विश्व रिकॉर्ड कायम किया था. वह सचिन तेंदुलकर के बाद इस फॉर्मेट में दोहरा शतक लगाने वाले सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बने थे. सहवाग ने इंदौर में दिसंबर 2019 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 219 रन बनाए, जो तब रिकॉर्ड था.

सहवाग ने भारत को 2007 का टी20 विश्व कप और 2011 का वनडे विश्व कप जिताने में बड़ी भूमिका निभाई थी. अपने लंबे करियर में सहवाग ने 104 टेस्ट में 8586 रन (23 शतक, 32 अर्धशतक), 251 वनडे में 8273 रन (15 शतक, 38 अर्धशतक) और 19 टी20 में 394 रन (2 फिफ्टी) जमाए. इसके साथ ही सहवाग ने टेस्ट में 40 और वनडे में 96 विकेट लेकर बतौर पार्ट टाइम ऑफ ब्रेक बॉलर अहम योगदान दिया.

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