11 साल, 11 महीने, 23 दिन… भारतीय टेस्ट इतिहास में बनेगा दूसरा सबसे लंबा रिकॉर्ड

क्रिकेट-न्यूज़

वो कहते ना कि दूरियां, नजदीकियां बन गई. कुछ ऐसी ही नजदीकी तेज गेंदबाज जयदेव उनादकट की टेस्ट क्रिकेट से हुई है. सालों से दोनों एक दूसरे से दूर थे, लेकिन जब बांग्लादेश के मौजूदा दौरे से बुलावा आया तो उनादकट के टेस्ट क्रिकेट से दूरियों के नजदीकियों में ढलने की उम्मीद भी जाग उठी है.

जयदेव उनादकट ने अपना पहला और आखिरी टेस्ट भारत के लिए दिसंबर 2010 में खेला था. अब ऐसे में अगर उन्हें बांग्लादेश के खिलाफ 14 दिसंबर से शुरू हो रहे पहले टेस्ट में मौका मिलता है तो उनके पहले और दूसरे टेस्ट के बीच पूरे 11 साल, 11 महीन और 23 दिन का फासला हो जाएगा.

टेस्ट क्रिकेट में दो मैचों के बीच सबसे लंबे फासले का भारतीय रिकॉर्ड लाला अमरनाथ के नाम पर है. उन्होंने 1934 के बाद 1946 में अपना दूसरा टेस्ट मैच खेला था. इस दौरान 12 साल और 129 दिन वो टेस्ट क्रिकेट से दूर रहे थे, जो कि रिकॉर्ड है.

जयदेव उनादकट ने साल 2018-19 से अब तक फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 886.4 ओवर किए, 214 मेडन फेंके और 148 विकेट लिए हैं. इस दौरान उनका बॉलिंग औसत 19.10 का रहा है. वो 3 बार 10 विकेट और 10 बार 5 विकेट ले चुके हैं.

भारत के लिए खेले एकमात्र टेस्ट में उनादकट ने दोनों पारी मिलाकर 156 गेंदें फेंकी थी, जिसमें 101 रन दिए थे. लेकिन बाएं हाथ के सौराष्ट्र के इस गेंदबाज को वहां कोई विकेट नहीं मिला था.

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